Pages

Thursday, 28 September 2017

सपनों का एक गांव, बरसुड़ी, उत्तराखंड - A village of dreams, Barsudi, Uttarakhand

12 अगस्त 2017 , दिन- शनिवार 



एक दिन बैठे-बैठे फेसबुक चला रहा था, तो एक पोस्ट पर नज़र गई। जिसमें हेल्थ और एजुकेशनल कैंप के बारे में जिक्र था। लेकिन कुछ खास समझ नहीं आने पर अपने घुमक्कड़ मित्र सचिन त्यागी जी से इस बारे में पूछा गया। सचिन भाई ने काफी कुछ बताया और जो थोड़ा बहुत बच गया, वो रमता जोगी जी उर्फ़ बीनू भाई ने बता दिया। उन्होंने बताया कि अलग-अलग राज्यों से 40-50 घुमक्कड़ मित्र मिलकर निस्वार्थ सेवा भाव से गाँव वालो के लिए एक हेल्थ कैंप का आयोजन करते है। जिसमे बरसुड़ी एवं आस पास के गाँव वालों का मुफ्त में चेकअप करते है और कुछ बुनियादी दवाईयां देते है। और साथ-साथ बरसुड़ी में स्थित स्कूल के बच्चों के लिए एक एजुकेशन कैंप का भी आयोजन करते है। इस बहाने सब एक-दूसरे से मिल भी लेते है। ये तो वाकई में बहुत ही अच्छा लगा मुझे और मैंने तुरंत चलने को हाँ कर दी। 

Monday, 4 September 2017

कुछ जानकारियां कालका-शिमला टॉय ट्रेन के बारे में - Infromations about Kakla-Shimla Toy Train



अपनी शिमला यात्रा के सभी लेख यूं तो मैं यहाँ पहले ही प्रकाशित कर चुका हूँ। लेकिन इस लेख में केवल कालका और शिमला के बीच चलने वाली टॉय ट्रेन के बारे में ही लिखा है। कालका शिमला टॉय ट्रेन का निर्माण ब्रिटिश काल के सन 1903 में हुआ था। कालका से शिमला तक कुल 18 स्टेशन है। यह लाइन नैरो गेज है जिसकी चौड़ाई मात्र 2.6 फ़ीट है। कालका रेलवे स्टेशन समुद्र तल से 2150 फ़ीट (655 मीटर) पर है। और शिमला रेलवे स्टेशन समुद्र तल से 6082 फ़ीट (2074 मीटर) पर मौजूद है। अपने इस मार्ग पर टॉय ट्रेन 96 किलोमीटर में लगभग 3932 फ़ीट (1143 मीटर) ऊचाई तय करती है। इसको औसतन 41 फ़ीट प्रति किलोमीटर की ऊचाई का सामना करना होता है। 


Friday, 4 August 2017

श्री नीलकंठ महादेव मंदिर, पौड़ी गढ़वाल- Shree Neelkanth Mahadev Temple, Pauri Garhwal

इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... 

14 मई 2017,  दिन- रविवार 
गंगा स्नान कर नाश्ते की तलाश में कुछ जगह छानी पर सुबह 7 का समय होने की वजह से कही कुछ नहीं मिला। अब ऐसे ही आगे की पैदल यात्रा शुरू कर दी। थोड़ा आगे आने पर एक चाय की दुकान खुली मिली। चाय और बिस्कुट का नाश्ता कर मैं आगे बढ़ गया। समय 7:30 का था। मैं योजना बनाये हुए था कि करीब 4 बजे तक मुझे दर्शन कर वापस नीचे लौटकर आना है। तभी मैं आज समय पर घर पहुँच सकता हूँ अन्यथा नहीं। पर दूसरी तरफ मुझे ये अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल लग रहा था कि मैं इतनी जल्दी इस सफर को पूरा कर पाऊंगा या नहीं। मैं श्री नीलकंठ को पहले भी आया हूँ। उस समय नीलकंठ के दर्शन के साथ-साथ, पार्वती मंदिर, झिलमिल गुफा और गणेश गुफा तक भी दोस्तों संग गया था और उसी दिन वापिस ऋषिकेश भी पहुँच गया था। पर अब बात दूसरी है। इन बातों को लगभग 10 साल हो गए। उस समय शारारिक क्षमता और थी तथा अब कुछ और है। इतना समय बीत गया इसलिए खुद पर यकीन कर पाना मुश्किल था पर नामुमकिन नहीं। 

Monday, 24 July 2017

ऋषिकेश: गंगा, योग और आयुर्वेद का अनूठा संगम - Unique Confluence of Ganga, Yoga and Ayurveda


ऋषिकेश स्टेशन की खूबसूरती और शांति मन को भा रही थी। लेकिन आगे तो बढ़ना ही था। इसलिए स्टेशन से बाहर निकल एक ऑटो में राम झूला जाने के लिए बैठ गया। सुबह का वक्त था, भीड़ का तो कोई मतलब ही नहीं था। इसलिए 5 मिनट में ही, मैं राम झूला पहुंच गया। 

ऋषिकेश, उत्तराखंड के देहरादून जिले में आता है। यह समुंद्र तल से लगभग 1300 फीट ऊचाई पर है। गंगा वैसे तो गौमुख से निकलती है पर कई छोटी-छोटी नदियों के संगम से इसका रूप और विशाल हो जाता है। ऋषिकेश में हमारी पवित्र गंगा, पहाड़ों की डगमगाती गलियों को पीछे छोड़, सीधे और सरलता से बहना सीख

Monday, 3 July 2017

मेरी पहली एकल यात्रा : ऋषिकेश - My First Solo Travel to Rishikesh


13 मई 2017, दिन- शनिवार 




कुछ दिनों से एक किताब पढ़  रहा था। जिसका नाम है "आज़ादी मेरा ब्रांड" जिसमे एक लड़की की यात्रा वृतांत है। जिसने यूरोप के कई देशों की सैर की है और वो भी अकेले (Solo) ही। और वे अकेले यात्रा करके बहुत खुश भी थी। मेरा भी मन ऐसी ही किसी यात्रा की ओर झुकने लगा। किताब पढ़ते-पढ़ते मेरा भी मन हुआ कि क्यों ना मैं भी कभी अकेले यात्रा करू। मेरे अकेले यात्रा का क्या अनुभव रहेगा? मेरी खुशी का पैमाना नीचे को गिरेगा या ऊपर चढ़ेगा ? ऐसे अनगिनत सवालों के जवाब देने को मैं उतावला होता रहा। 

Tuesday, 20 June 2017

सिटी फारेस्ट, ग़ाज़ियाबाद का वीडियो (City Forest Video)

सिटी फारेस्ट, ग़ाज़ियाबाद के पिकनिक स्थलों में से एक है। ये राज नगर एक्सटेंशन पर स्थित है। यहाँ आराम से 3-4 घंटे बिताये जा सकते है। यहाँ साइकिल किराये पर मिलती है। इसके अलावा घुड़सवारी, ऊट की सवारी, नाव की सवारी तथा जीप सवारी का आंनद भी ले सकते है। बच्चों के लिए भी बहुत से झूले मौजूद है जैसे - ट्रेन, मिकी माउस, गोल घूमने वाले आदि। इसके अंदर बच्चों के लिए एक एडवेंचर पार्क भी है। यहाँ इन सबका आनंद लेते हुए खाने का लुफ्त भी उठाया जा सकता है। इसके अंदर मौजूदा कैंटीन में चाउमीन, आइसक्रीम, समोसे, छोले-भटुरे जैसी बहुत से आइटम मिलते है। यह वीडियो (फोटो स्लाइड) सिटी फारेस्ट के अंदर लिए गए कुछ फोटों का संग्रह मात्र है। जिसे दिसम्बर 2016 में लिया गया है। कुल मिलाकर ग़ाज़ियाबाद वासियों के लिए ये किसी तोहफे से कम नहीं है। 

Thursday, 15 June 2017

दिल्ली चिड़ियाघर का वीडियो - Delhi Zoo Video



यह वीडियो (फोटो स्लाइड) मैंने चिड़ियाघर में स्थित जानवरों पर बनाई है। इसमें हिरन, अफ़्रीकी हाथी, ईमू, ब्राहम्णी चील, अजगर, जगुआर जैसे जंगली जानवर है। इस (वीडियो) छेत्र में अभी मैं नया हूँ।  ज्यादा जानकारी तो नहीं है कि वीडियो कैसे बनाई और एडिट की जाती है। पर जितना पता है उसी के माध्यम से इसे तैयार किया है। इसके अलावा कुछ और वीडियो तैयार की गयी है जो मेरे ब्लॉग पर ही आपको मिल जाएगी। यू-ट्यूब पर मेरे पेज "मैं मुसाफ़िर (Main Musafir)" पर जा कर भी आप मेरे द्वारा बनाई गयी सभी वीडियो देख सकते हो। 

Monday, 12 June 2017

हिमाचल राज्य संग्रहालय, शिमला- Himachal State Museum, Shimla

इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे.... 


दिनांक- 12 मार्च 2017, दिन- रविवार 


संग्रहालय जाते समय जब हम नीचे चौराहे पर वापस लौटे तो यहाँ मेरी नज़र एक सुचना पट पर गयी। जिस पर हिमालयन बर्ड पार्क लिखा था। .... जब सामने ही पार्क है तो इसे नज़रअंदाज़ करने का तो कोई सवाल ही नहीं रहा......। जैसे ही पार्क के गेट पर गए तो दो लोग इसमें से निकले और हमसे कहते हुए जा रहे थे कि इसमें मत जाओ। यहाँ कुछ भी नहीं है देखने को......। हम रुके......पर जल्द ही उनकी बातों को पानी ना देते हुए आगे बढ़ गए। 3 टिकट लिए। 2 हमारे और 1 कैमरे का। हमारा 15 रुपए प्रति व्यक्ति और कैमरे का 25 रुपए का टिकट आया। अंदर वाकई में कुछ खास नहीं था। मोर, जंगली मुर्गे और कुछ बत्तख के सिवाये कोई भी पक्षी नहीं था। 5 मिनट में ही इसे देख बाहर आ गए। पर मन को तस्सली थी कि इसे देख आये। ना देखते तो मन में हमेशा टीस ही रह जाती कि सामने से निकल गए और

Monday, 15 May 2017

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला - Indian Institute Of Advanced Study, Shimla

इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... 

दिनांक- 12 मार्च 2017, दिन- रविवार 


एक नई सुबह का हम बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। जो कमी कल रह गयी उन सबको नई सुबह के साथ जो पूरा करना है। रोज की तरह समय से आँख खुल गयी। गीजर चलाया पर आधे घंटे में भी पानी गर्म नहीं हुआ तो होटल के मैनेजर को बोला। उसने गीजर ठीक कराया तब जाके नाहने को गर्म पानी नसीब हुआ। घर में सर्दी के मौसम में चाहे मैं रोज ना नाहता हूँ.... पर यहाँ ठेठ सर्दी में जरूर रोज नहा रहा था। ये बात शायद भगवान को भी रास नहीं आयी...  तभी मौसम खुलने का नाम नहीं ले रहा। मैनेजर को कमरे के पैसे दे दिए। वही एक परिवार मिला जो आज ही शिमला आया है। वे कालका-शिमला टॉय ट्रेन से आये थे। उन्होंने बताया कि आज ट्रेन अपने सही समय पर कालका से चली है। तभी तो वो लोग 10 बजे के आसपास शिमला पहुँच गए। सबकी किस्मत हमारी जैसी थोड़ा होती है जो 10 बजे 

Monday, 8 May 2017

यात्रा का दूसरा पहलू : शिमला - Yatra Ka Dusra Pahalu : Shimla

इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे...... 

दिनांक- 11 मार्च 2017, दिन- शनिवार 

वही हमेशा की तरह सुबह 6 बजे आँख खुल गयी। मैं अपनी इस आदत से बहुत परेशान हूँ। अपने घर पर तो मैं 8 बजे तक भी सो लेता हूँ। पर किसी रिश्तेदारी में या अनजान जगह पर चाहे मुझे रात को कितनी भी देरी से नींद आयें, लेकिन सुबह जल्दी आँख खुल जाती है। चाह कर भी मैं ज्यादा देर तक नहीं सो पाता।  इस पर मुझे अभी काम करने की जरूरत है। खैर तैयार हो 8:30 तक हमने होटल पेर्स्टीज को अलविदा बोल दिया। 


बाहर मॉल रोड़ पर आयें तो अभी दुकानें बंद थी। आसमान में बादलों ने अपने विशालकाय पंख फैला रखे थे जिससे वातावरण में ठंड बनी हुई थी। आज हमे इण्डियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडी देखने जाना था और बाकी बचे समय का

Monday, 1 May 2017

मैं और हसीन वादियां शिमला की - Main or Haseen Vadiyan Shimla Ki

इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... 

दिनांक- 10 मार्च 2017, दिन- शुक्रवार  


कुछ देर आराम कर फिर से घूमने को निकल गए। होटल से बाहर आये तो अब धूप निकल रही थी। रास्तों पर गिरी बर्फ धूप के कारण पिघलकर बह रही थी जो हमारे गीले जूतों को और गीला कर रही थी। दोपहर के 3 बज रहे थे। टहलते हुए हम फिर से रिज पहुँच गए। यहाँ क्रेन से बर्फ हटाने का काम जोरो से चल रहा था। बर्फ जल्द से जल्द हट सके और सभी घूमने आये लोगों को परेशानी ना हो इसलिए ये काम बर्फ गिरने के बंद होते ही शुरू कर दिया गया था। कितना ख्याल रखा जा रहा है यहाँ हमारा और हमारे जैसे घूमने आये बाकि लोगों का। कुछ देर के लिए तो वी.आई.पी जैसा महसूस हुआ। लगा जैसे हम कोई अफसर या नेता है और ये हमारा हर तरह से ध्यान रखने की कोशिश कर रहे है। कुछ देर के लिए ही सही इन्होने हमे बतलाया कि हम कितने खास है इनके लिए। अच्छा भी है ये। जहाँ की अर्थ

Monday, 24 April 2017

जाखू मंदिर, शिमला - Jakhu Mandir, Shimla

दिनांक- 10 मार्च 2017 , दिन- शुक्रवार

इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे.... 


अगले दिन सुबह 06:30 बजे नींद खुल गयी। पर्दा हटा खिड़की से बाहर का मौसम देखा तो पाया की रात को बर्फ गिरी थी जो अब पेड़ो और अन्य जगहों पर साफ़ दिखाई दे रही थी। एक-दो फोटो यही से लिए गए। कम्बल छोड़ते ही ठंड लगने लगी। मन में ख्याल आया कि इतनी सर्दी में नहाकर मरना नहीं। नहाने के लिए पूरी ज़िंदगी पड़ी है.....। फिर किसी और दिन नहा लूंगा.....। यही ठंड में बड़बड़ाते हुए ब्रश करने चला गया। लेकिन पानी देख मूंड नहाने का हो गया। पानी बहुत गर्म था और जितना मर्ज़ी उतना इस्तेमाल कर सकते थे। बिना देरी किये नहा लिया और जो ठंड थी अब तक वो भी नहाते ही गायब हो गयी। गर्म पानी में नहाने से शरीर के अंदर तक गर्मी पहुँच गयी जिससे सर्दी लगनी कुछ देर के लिए बंद हो गयी। एक-एक कर सभी तैयार हो गए। 

Monday, 10 April 2017

कालका-शिमला टॉय ट्रेन का सफर- Kalka-Shimla Toy Train Ka Safar



इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... 

दिनांक - 09 मार्च 2017 , दिन-गुरुवार 

हम 10:30 बजे कालका स्टेशन पर उतरे। शिमला जाने वाली ट्रेन चलने को तैयार थी। यह हमारे ही वहाँ पहुँचने का इंतजार कर रही थी। सभी कोच के गेट पर टी.टी. कम देशी आदमी खड़े थे। जो फटा-फट सभी के टिकट चेक कर रहे थे। देशी इसलिए क्योंकि इन्होंने वर्दी नहीं पहन रखी थी। ये हमारी-तुम्हारी तरह जीन्स-शर्ट में थे। वो जल्द से जल्द इसको कालका से रवाना करना चाहते थे। क्योंकि यह हावड़ा ट्रेन की वजह से पहले ही 5 घंटे लेट हो चुकी थी। वे इसे और लेट नहीं करना चाहते थे। यहाँ एक ट्रेन लेट होने का मतलब है कि उसके पीछे से चलने वाली सभी ट्रेन लेट होना। और जितनी भी टॉय ट्रेन कालका से शिमला जाती है वही सब शाम को वापस शिमला से कालका आती भी है। इसलिए एक ट्रेन लेट हो गयी तो उस दिन की फिर

Monday, 3 April 2017

लो आखिर आ ही गयी ट्रेन- Lo Aakhir Aa Hi Gayi Train



इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... 


ट्रेन प्लेटफार्म पर आने से कुछ सेकंड पहले नीतू स्टेशन पर लगी एल.इ.डी. को बड़े ध्यान देख रही थी। जिस पर ये दर्शाया जा रहा था कि कौन सा डिब्बा कहाँ पर आएगा।  
"हमारा स्लीपर डिब्बा वहां आगे आएगा और हम यहाँ इतने पीछे क्यों खड़े है।" नीतू ने मुझसे कहाँ। 
जिसको मेरे द्वारा डाउनलोड किये एप पर भरोसा नहीं उसको रेलवे द्वारा लगायी गयी एल.इ.डी. पर इतना विश्वास देख मैं हैरान था। मैंने बोला

Thursday, 23 March 2017

अबकी बार शिमला यार -Abki Baar Shimla Yaar



दिनांक- 08 मार्च 2017 ,  दिन- बुधवार 


अपनी शिमला यात्रा के बारे में आपको पहले ही अवगत करा चुका हूँ। शिमला का बहुत नाम सुना था और यह पर्यटकों के बीच बहुत ही लोकप्रिय है। इसलिए इसकी पहचान ने हमे भी अपनी ओर आकर्षित कर ही लिया। इच्छा थी कि शिमला बस से ना जाकर रेल से जाया जाये। गाज़ियाबाद से कालका हावड़ा-दिल्ली-कालका मेल और फिर कालका से शिमला के बीच चलने वाली टॉय ट्रेन में सफ़र करने पर विचार हुआ। यानी घर से शिमला तक का पूरा सफ़र सिर्फ रेल से। और वैसे भी कालका-शिमला के बीच चलने वाली रेल के बारे में मैंने भी बहुत सुना था।
तो ये मौका कैसे छोड़ पाता ? मेरी पहली पसंद  रेल ही थी। चूँकि मैं यह यात्रा परिवार के साथ करने जा रहा था तो उनकी राय भी जरूरी थी। पत्नी से पूछा कि

Monday, 20 March 2017

गुच्चुपानी, देहरादून का वीडियो - Robber Cave, Dehradun



यह वीडियो गुच्चुपानी का है। इसे रोबर केव के नाम से भी जाना जाता है। यह देहरादून में स्थित है। यह पहाड़ बीच में से दो भागो में बटा हुआ है। और इसकी आकृति ऐसी है कि इससे एक प्रकृति गुफा बनी हुई है जिसके अंदर से पानी जो ऊपर पहाड़ो से आता है, एक छोटे झरने के रूप में गिरता है। पानी कही-कही घुटनों तक मिल जाता है और बहाव इतना तेज होता है यदि चप्पल पहन के इसके अंदर चले गए तो आपकी चप्पल बहने से कोई नहीं बचा सकता। आप भी नहीं। आंनद लीजिये इस वीडियो का। यह सितम्बर 2016 में बनायीं गयी है। 






                                                                                     www.mainmusafir.com (मैं मुसाफिर डॉट कॉम )



Thursday, 16 March 2017

शिमला में ताज़ी बर्फ़बारी का वीडियो - Fresh Snowfall in Shimla

मार्च 10 , 2017 

यह दूसरी वीडियो जाखू मंदिर की। इससे पहले एक और वीडियो अपने ब्लॉग पर पोस्ट की गयी थी। यहाँ बर्फ इतनी तेजी से गिर रही थी कि मात्र 15 मिनट में यहाँ का रास्ता बंद हो गया था। फिर नीचे हमे पैदल ही आना पड़ा। यह वीडियो मैंने अपने मोबाइल के द्वारा बनाई थी। वीडियो देखिये और मजा लीजिये प्रकृति का।






Monday, 13 March 2017

बर्फबारी का वीडियो, जाखू मंदिर, शिमला - Barfbaari Ka Video, Jahkhu Mandir, Shimla



दिनांक- 10 मार्च 2017 , समय- दोपहर 1 बजे 

यह वीडियो उस समय की है जब हम जाखू मंदिर पर थे और अचानक बर्फ गिरनी शुरू हो गयी थी। इस वीडियो में सामने जो मंदिर दिखाई दे रहा है वही जाखू मंदिर है। बाकि इस वीडियो का आनंद ले....। 








Monday, 27 February 2017

मेरी आगामी यात्रा



अपनी इस पोस्ट में मैं किसी यात्रा वृतांत का जिक्र नहीं कर रहा। पिछले कुछ दिनों से मेरे घूमने पर मानो ग्रहण सा लग गया। इन दिनों कही पर भी जाना नहीं हो पाया। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि दिमाग में रह-रहकर घूमने वाला कीड़ा शांत बैठा है। वो तो निरंतर अपनी ओर से प्रयास किये जा रहा है कही घूम आने के लिए। पर मैं ही शांति बनाये हुए हूँ। उसका भी एक कारण है। 

Tuesday, 21 February 2017

कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां चिड़ियाघर के बारे में - Some Important Information About Delhi Zoo


चिड़ियाघर की यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करे......


चिड़िया घर घूम तो लिए और वहाँ उपस्थित लगभग सभी जानवरों और पक्षियों से भी रूबरू होने का पूरा मौका और समय हमे मिला। अब कुछ जानकारियां यहाँ के बारे में भी लिखना ज़रूरी है। आइये शुरुआत करते है -

Monday, 13 February 2017

चिड़ियाघर, दिल्ली (भाग-2) - Delhi Zoo (Part-2)

22 जनवरी 2017, दिन- रविवार  (शेष भाग )


इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... 





अब घूमते-घूमते थकान महसूस होने लगी थी। वैसे तो यहाँ घूमने के लिए बैटरी से चलने वाले वाहन भी थे। जिसमे बैठकर पूरे चिड़ियाघर पर नज़र दौड़ाई जा सकती थी बिना थके। लेकिन मैं इसके पक्ष में नहीं था। हम यहाँ घूमने को आये है और ना तो हमारी स्थिति पतझड़ के उस पेड़ के सामान है जिस पर अब कुछ ही पत्ते बचे हो। और ना ही उस लाट साहब की तरह जिसने आज तक अपनी कोमल काया को रास्तों, हवा, धुप, बरसात के समक्ष रखकर अपने आस-पास फैली खूबसूरती को पहचानने उससे दोस्ती करने उसकी तक़लिफों को समझने उससे रूबरू होने की कभी कोशिश तक ना की हो। मैंने तो हमेशा प्रकृति को तवज्जो दी है उसके लिए फिर चाहे कितना भी चलना पड़े कितनी भी थकान हो वो सब मेरे लिए मायने नहीं रखता। हालांकि जीता जागता मानव होने के कारण इन सब चीज़ों से मुझे भी परेशानी ज़रूर हो रही थी पर इन जीवों को देखने की मेरी लालसा ने थकान को मुझ पर हावी नहीं होने दिया। वैसे भी ऐसी

Monday, 6 February 2017

चिड़ियाघर, दिल्ली (भाग-1) - Delhi Zoo (Part-1)

22 जनवरी 2017, दिन- रविवार  


योजना 

पिछले कुछ दिनों से सर्दी अच्छी ख़ासी थी। इसी वजह से कही घूमने जाना भी नहीं हो पाया। पर एक मुसाफ़िर के कदम भला कब तक रुक पाते। घुम्मकड़ लोग ज्यादा दिन तक घर में नहीं रह पाते। जैसे ही कुछ दिन गुजरते है वैसे ही कही घूमने की ललक शुरू हो जाती है। और जो अव्वल नंबर के घुम्मकड़ है, वे लोग इस बात को बहुत ही अच्छे से जानते है। सभी घुम्मकड़ लोगो के गुण लगभग मिलते-जुलते होते है जैसे- बीमार होने पर भी ऑफिस से छुट्टी ना लेना। क्योंकि बीमारी में छुट्टी लेंगे तो फिर घूमने के नाम की छुट्टी कहा मिल पायेंगी ? इसलिए कुछ भी ज़रूरी काम हो या बीमारी, छुट्टी लेंगे तो सिर्फ घूमने के लिए। और मैं भी इन्ही में से एक हूँ। दरअसल ऊपर दिए कुछ शब्दों में मैंने अपना हाल ए दिल ही आपको बताया है। 

Saturday, 28 January 2017

सिटी फारेस्ट-ग़ाज़ियाबाद - City Forest-Ghaziabad

04 दिसम्बर 2016 (दिन- रविवार) 


आज के दिन, घूमने का ना कोई मन था ना कोई पहले से बनाई हुई योजना। मैंने एक हेल्थ इन्सोरेन्स कराया था। जिसके लिए मुझे सुबह पत्नी और बेटे के साथ मेडिकल टेस्ट कराने को जाना था। जिसकी मैंने डॉक्टर से पहले ही अपॉइंटमेंट ले रखी थी। उम्मीद थी कि कम से कम 3 घंटे तो ख़राब हो ही जायेगे और घर से इंदिरापुरम जाना और आना, यह समय अलग से लगेगा। यानी आधा दिन आज इसी काम की भेंट चढ़ने वाला था। इसलिए ही मैंने कहीँ और जाने के बारे में सोचा भी नहीं।

सुबह 8 बजे ही घर से इंद्रापुरम के लिए निकल गए। पहला नंबर होने की वजह से ज्यादा समय नहीं लगा। 11 बजे हम वहाँ से निकल गए। जैसे ही मैं आगे बढ़ा तो मन कही घूमने को कहने लगा। चिड़ियाघर, दिल्ली...... नहीं नहीं, वहाँ नहीं कही ओर चलते है... ऐसा

Thursday, 19 January 2017

यात्रा चम्बा और ऋषिकेश की


इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... 



10 अक्टूबर 2016 

धनोल्टी से चम्बा लगभग 30 किलोमीटर दूर है। और अभी 1 घंटे का सफर ओर बाकी था। पहाड़ो पर सिर्फ 25-30 तक की रफ़्तार से ही आप वाहन चला सकते है। क्योकि थोड़ी-थोड़ी दूरी पर घुमावदार मोड़ आते रहते है जो वाहन की रफ़्तार पर ब्रेक लगाने को मजबूर कर देते है। और मोड़ पर मुड़ने पर जैसे ही दोबारा रेस देते है, इतने में अगला मोड़ आ जाता है। इसलिए यहाँ पर किसी भी वाहन की औसत स्पीड 25-30 किलोमीटर प्रति घंटा ही रहती है। इस बीच भी हमने कई जगह बाइक रोकी। अभी सूरज ढलने में कुछ समय था लेकिन तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर महसूस हो रही थी। और हवा दिन के मुकाबले ठण्डी होने लगी। इस बार हमने ज्यादा देर नहीं की और समय से ही चम्बा पहुँच गए।

Monday, 2 January 2017

बाइक से मसूरी और धनोल्टी की यात्रा

इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे......





अगले दिन सभी 6 बजे उठ गए। बाहर बालकनी में मौसम का जायजा लेने गया तो अक्टूबर के हिसाब से ठण्ड अच्छी खासी मिली और कोहरा भी। तैयार होकर 8 बजे हम यहाँ से निकल गए। सबसे पहले हम उसी रेस्टॉरेन्ट में नाश्ते के लिए गए, जहाँ हमने कल रात खाना खाया था। छोले भटूरो ने हमारे नाश्ते की शान बढाई। उसके बाद हमने चाय पी। अब हम हर तरह से घूमने को तैयार थे। मसूरी उत्तराखंड के देहरादून जिले में पड़ता है। यहाँ के लोगो से मिली जानकारी के अनुसार, यहाँ प्रचुर मात्रा में  पाए जाने वाले मंसूर नाम के पौधे के कारण इसका नाम मसूरी पड़ गया है। मसूरी गढ़वाल हिमालय के शिवालिक श्रेणी में स्थित है। यह बहुत ही लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। और दिल्ली के सबसे नजदीक पर्यटन स्थलों में से एक है। जिसके कारण काफी संख्या में लोग यहाँ घूमने के लिए आते है। लेकिन ज्यादा संख्या में पर्यटको के आने से यह शहर जाम,पानी और गंदगी जैसे मुख्य परेशानी से झूझता हुआ प्रतीत होता है। शर्दियो की अपेक्षा यहाँ गर्मियो में अधिक पर्यटक आते है।