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Tuesday, 20 June 2017

सिटी फारेस्ट, ग़ाज़ियाबाद का वीडियो (City Forest Video)

सिटी फारेस्ट, ग़ाज़ियाबाद के पिकनिक स्थलों में से एक है। ये राज नगर एक्सटेंशन पर स्थित है। यहाँ आराम से 3-4 घंटे बिताये जा सकते है। यहाँ साइकिल किराये पर मिलती है। इसके अलावा घुड़सवारी, ऊट की सवारी, नाव की सवारी तथा जीप सवारी का आंनद भी ले सकते है। बच्चों के लिए भी बहुत से झूले मौजूद है जैसे - ट्रेन, मिकी माउस, गोल घूमने वाले आदि। इसके अंदर बच्चों के लिए एक एडवेंचर पार्क भी है। यहाँ इन सबका आनंद लेते हुए खाने का लुफ्त भी उठाया जा सकता है। इसके अंदर मौजूदा कैंटीन में चाउमीन, आइसक्रीम, समोसे, छोले-भटुरे जैसी बहुत से आइटम मिलते है। यह वीडियो (फोटो स्लाइड) सिटी फारेस्ट के अंदर लिए गए कुछ फोटों का संग्रह मात्र है। जिसे दिसम्बर 2016 में लिया गया है। कुल मिलाकर ग़ाज़ियाबाद वासियों के लिए ये किसी तोहफे से कम नहीं है। 

Thursday, 15 June 2017

दिल्ली चिड़ियाघर का वीडियो - Delhi Zoo Video



यह वीडियो (फोटो स्लाइड) मैंने चिड़ियाघर में स्थित जानवरों पर बनाई है। इसमें हिरन, अफ़्रीकी हाथी, ईमू, ब्राहम्णी चील, अजगर, जगुआर जैसे जंगली जानवर है। इस (वीडियो) छेत्र में अभी मैं नया हूँ।  ज्यादा जानकारी तो नहीं है कि वीडियो कैसे बनाई और एडिट की जाती है। पर जितना पता है उसी के माध्यम से इसे तैयार किया है। इसके अलावा कुछ और वीडियो तैयार की गयी है जो मेरे ब्लॉग पर ही आपको मिल जाएगी। यू-ट्यूब पर मेरे पेज "मैं मुसाफ़िर (Main Musafir)" पर जा कर भी आप मेरे द्वारा बनाई गयी सभी वीडियो देख सकते हो। 

Monday, 12 June 2017

हिमाचल राज्य संग्रहालय, शिमला- Himachal State Museum, Shimla

इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे.... 


दिनांक- 12 मार्च 2017, दिन- रविवार 


संग्रहालय जाते समय जब हम नीचे चौराहे पर वापस लौटे तो यहाँ मेरी नज़र एक सुचना पट पर गयी। जिस पर हिमालयन बर्ड पार्क लिखा था। .... जब सामने ही पार्क है तो इसे नज़रअंदाज़ करने का तो कोई सवाल ही नहीं रहा......। जैसे ही पार्क के गेट पर गए तो दो लोग इसमें से निकले और हमसे कहते हुए जा रहे थे कि इसमें मत जाओ। यहाँ कुछ भी नहीं है देखने को......। हम रुके......पर जल्द ही उनकी बातों को पानी ना देते हुए आगे बढ़ गए। 3 टिकट लिए। 2 हमारे और 1 कैमरे का। हमारा 15 रुपए प्रति व्यक्ति और कैमरे का 25 रुपए का टिकट आया। अंदर वाकई में कुछ खास नहीं था। मोर, जंगली मुर्गे और कुछ बत्तख के सिवाये कोई भी पक्षी नहीं था। 5 मिनट में ही इसे देख बाहर आ गए। पर मन को तस्सली थी कि इसे देख आये। ना देखते तो मन में हमेशा टीस ही रह जाती कि सामने से निकल गए और